3795 GI/2017 (1)
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No. 496] NEW DELHI, MONDAY, JUNE 19, 2017/ JYAISTHA 29, 1939शहरी िवकास मं ालय
(संपदा िनदेशालय)
अिधसूचना
नई िदल्ली, 16 जून, 2017
सा.का.िन. 598(अ).—रा पित, संिवधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक ारा द शि य का योग करते हुए और सरकारी वास आबंटन (िदल्ली म साधारण पूल) िनयम, 1963 और गैराज िनयम, 1964 को, उन बात के िसवाय अिध ांत करते हुए, िजन् ह ऐसे अिध मण से पूवर् िकया गया है या करने का लोप िकया गया है, शहरी िवकास मं ालय, संपदा िनदेशालय के िनयं णाधीन देश के िविभ स्थान पर केन् ीय सरकार कमर्चािरय को वास के आबंटन की प ित का िविनयमन करने के
िलए िन िलिखत िनयम बनाते ह, अथार्त् :—
भाग 1 साधारण 1. संिक्ष नाम और ारंभ :—
(1) इन िनयम का संिक्ष नाम केन् ीय सरकार साधारण पूल आवािसक वास िनयम, 2017 है।
(2) ये राजप म उनके काशन की तारीख को वृ ह गे।
2. पिरभाषाएं : इन िनयम म, जब तक िक संदभर् से अन्यथा अपेिक्षत न हो,—
(क) “वास” से संपदा िनदेशालय के िनयं णाधीन केन् ीय सरकार का साधारण आवािसक वास (जीपीआरए) अिभ ेत है;
(ख) “आबंटन” से इन िनयम के उपबंध के अनुसार आवािसक वास के अिधभोग की अनुज्ञि दान करना अिभ ेत है
और िजसके अन्तगर्त, आबंटन की स्वचािलत णाली (एएसए) या आबंटन की हस्तचािलत णाली भी है;
(ग) “गैराज का आबंटन” से इन िनयम के उपबंध के अनुसार गैराज के अिधभोग की अनुज्ञि दान करना अिभ ेत है;
(घ) “नुकसान” से वास या गैराज के अिधभोगी ारा गैराज या वास के सभी या िकसी भाग के दुरुपयोग या उप-
िकराये पर देने या अ ािधकृत अिधभोग की दशा म अनुज्ञि फीस के गुणज म लगाया जाने वाला ितकर, अिभ ेत है;
(ड.) “िदल्ली” से िदल्ली के रा ीय राजधानी राज्य क्षे की सीमा के भीतर का क्षे , िजसे सरकार वास आबंटन के
िलए पा ता द करने वाला घोिषत करे, अिभ ेत है;
(च) “संपदा िनदेशालय” से केन् ीय लोक िनमार्ण िवभाग के अधीन संपदा िनदेशालय का कायार्लय और संपदा
कायार्लय अिभ ेत ह जो संपदा िनदेशालय के वास के सम्बन्ध म कृत्य का िनवर्हन करते ह;
(छ) “संपदा िनदेशक” से भारत सरकार के संपदा िनदेशक अिभ ेत ह और िजसके अन्तगर्त, संपदा िनदेशालय म अपर सम्पदा िनदेशक, उप-संपदा िनदेशक और सहायक सम्पदा िनदेशक भी ह;
(ज) “वास के टाइप का पा ” से िकसी अिधकारी के सम्बन्ध म इन िनयम के अधीन वास के टाइप, िजसका वह पा
है, अिभ ेत है;
(झ) “पा कायार्लय” से ऐसा कायार्लय अिभ ेत है िजसके कमर्चािरवृन्द केन् ीय सरकार ारा इन िनयम के अधीन वास के िलए पा घोिषत िकए गए ह;
(ञ) “कमर्चारी” से केन् ीय सरकार का ऐसा कमर्चारी अिभ ेत है िजसका वेतन भारत सरकार की संिचत िनिध से है;
(ट) “पिरवार” से आबंिटती का पित या प ी, यथािस्थित, और बालक, सौतेले बालक, िविधक रूप से द क िलए गए बालक, माता-िपता, भाई या बहन जो मामूली तौर पर आबंिटती के साथ रहते ह और उस पर आि त ह, अिभ ेत है;
(ठ) “सरकार” से केन् ीय सरकार, जब तक िक संदभर् से अन्यथा अपेिक्षत न हो, अिभ ेत है;
(ड) “अितिथ” से आबंिटती के साथ अस्थायी रूप से ठहरने वाला आकिस्मक आगन्तुक अिभ ेत है;
(ढ) “गृह स्वािमत्व रखना” से ऐसा कोई भवन या उसका भाग, जो आवािसक योजन के िलए आबंिटती या उसके
पिरवार के िकसी सदस्य के स्वािमत्व म है, अिभ ेत है;
(ण) “िनकटतम सम्बन्धी” से ऐसे सम्बन्ध जैसे दादा, दादी, पोते, पोितयां, ससुर, सास, दामाद, बहू अिभ ेत ह और
िजसके अन्तगर्त िविधक द क हण ारा स्थािपत सम्बन्ध भी ह;
(त) “अनुज्ञि फीस” से ऐसी फीस अिभ ेत है जो इन िनयम के अधीन आबंिटत वास के सम्बन्ध म मािसक रूप से देय है;
(थ) “नगरपािलका” के अन्तगर्त, नगर िनगम, नगरपािलका सिमित, बोडर् या नगरपािलका पिरषद, नगर क्षे सिमित, अिधसूिचत क्षे सिमित, कैन्टोनमट बोडर् भी ह;
(द) “नगरपािलका सीमा” से संघ राज्यक्षे या सम्ब राज्य सरकार ारा यथाघोिषत शहर या नगर सीमा अिभ ेत है;
(ध) “दुरुपयोग” से िकसी आबंटन के सम्बन्ध म इन िनयम के अधीन उपबंिधत योजन से िभ , िकसी अन्य योजन के िलए आबंिटती के ारा स्वयं या उसके पिरवार के िकसी सदस्य ारा या उसके साथ रहने वाले िनकटतम सम्बन्धी ारा िकसी वास या िकसी सेवक आवास-गृह या गैराज का योग िकया जा रहा है, अिभ ेत है;
(न) “आवािसक वास” से ऐसी छतदार संरचना या उसका भाग चाहे स्थायी या अ र् स्थायी या अस्थायी संरचना हो, अिभ ेत है, िजसम कम से कम एक रहने का कमरा, रसोई सिहत या रसोई के िबना, और एक शौचालय हो;
(प) “िवशेष अनुज्ञि फीस” से कोई ऐसी अनुज्ञि फीस अिभ ेत है जो आबंिटितय से अल्पकािलक अविध या वास के
अस्थायी आबंटन या अन्य अपा कायार्लय या संगठन से िवशेष योजन के िलए वास के आबंटन के िलए भािरत की जाए;
(फ) “उप-िकरायेदारी” से साधारण पूल आवािसक वास का, पूणर्तः या भागतः िकसी आबंिटती ारा अपने पिरवार और िनकटतम सम्बन्ध से बाहर िकसी ि को िकराये पर देना, अिभ ेत है;
(ब) “वास का अभ्यपर्ण” से आबंिटती ारा वास के भौितक अिधभोग के प ात् अपनी इच्छा पर आबंटन अविध के
दौरान उसकी वास की िरि , अिभ ेत है;
(भ) “अस्थायी स्थानांतरण” से आबंिटती का िकसी अन्य स्थान पर स्थानांतरण अिभ ेत है, िजसम उस स्थान से चार मास से अनिधक की अविध के िलए अनुपिस्थित, जहां वास आबंिटत है, भी अन्तवर्िलत है;
(म) “स्थानांतरण” से वतर्मान कायर् स्थल से, जहां वास आबंिटत है, िकसी अन्य कायर् स्थल या पा कायार्लय से अपा
कायार्लय को स्थानांतरण अिभ ेत है और िजसके अन्तगर्त कोई स्थानांतरण या राज्य सरकार या संघ राज्य क्षे
शासन के अधीन सेवा को ितवतर्न भी है और िजसम तथा िकसी अपा कायार्लय या संगठन म ितिनयुि के
पद पर िनयुि भी है।
3. आबंटन के िलए पा जोन –
(1) केन् ीय सरकार के सभी कायार्लय, जो िदल्ली के रा ीय राजधानी राज्य क्षे म सरकार के सम्यक अनुमोदन के साथ अविस्थत ह और जो इन िनयम के अधीन पा ता की शत पूरी करते ह और िविन दर् रूप से सरकार ारा साधारण पूल से वास के आबंटन के िलए पा घोिषत िकए गए ह, िदल्ली म साधारण पूल से वास के आबंटन के िलए या वास के ितधारण के िलए पा ह गे।
(2) केन् ीय सरकार के सभी कायार्लय, जो िकसी शहर या नगरपािलका या नगर िनगम या नगरपािलका पिरषद की
सीमा के भीतर सरकार के सम्यक अनुमोदन के साथ अविस्थत ह और जो इन िनयम के अधीन पा ता की शत पूरी करते ह और िविन दर् रूप से सरकार ारा साधारण पूल से वास के आबंटन के िलए पा घोिषत िकए गए ह, इन स्थान पर साधारण पूल से वास के आबंटन के िलए या वास के ितधारण के िलए पा ह गे।
(3) िकसी नगरपािलका के िवभाजन की दशा म, नया नगरपािलका क्षे साधारण पूल आवािसक वास का सि मार्ण होने तक, आबंटन के योजन के िलए पा जोन रहेगी।
4. िदल्ली म िकसी कायार्लय को वास के िलए पा घोिषत करने के िलए शत –
कोई केन् ीय सरकार कायार्लय जो िन िलिखत अपेक्षाएं पूरी करता है, िदल्ली म वास आबंटन के िलए सम्ब मं ालय के
संयु सिचव का अनुमोदन ा करने के प ात्, संपदा िनदेशालय को दो ितय म आवेदन कर सकेगा—
(क) िदल्ली म कायार्लय की अविस्थित, मंि मंडल या वास पर मंि मंडल सिमित ारा अनुमोिदत की गई है;
(ख) कायार्लय, िकसी मं ालय के सिचवालय का अिभ अंग है या भारत सरकार के िकसी िवभाग या िकसी मं ालय का अधीनस्थ कायार्लय या कोई संल कायार्लय है;
(ग) कमर्चािरवृन्द को भारत की संिचत िनिध से संद िकया जाता है; और
(घ) कायार्लय, िदल्ली के रा ीय राजधानी राज्य क्षे की सीमा के भीतर अविस्थत है।
5. िदल्ली से िभ िकसी अन्य स्थान वास के िलए पा कायार्लय घोिषत करने के िलए शत –
िदल्ली से िभ अन्य स्थान पर केन् ीय सरकार का कोई कायार्लय जो िन िलिखत अपेक्षाएं पूरी करता है, सम्ब मं ालय के संयु सिचव से अनुमोदन ा करने के प ात्, संपदा िनदेशालय को वास के िलए, पा ता दान करने के िलए दो
ितय म आवेदन कर सकेगा :
(क) कायार्लय, भारत सरकार के िकसी िवभाग या िकसी मं ालय के अधीनस्थ कायार्लय या िकसी संल कायार्लय या
िकसी मं ालय के सिचवालय का अिभ अंग है;
(ख) कमर्चािरवृन्द को भारत की संिचत िनिध से संद िकया जाता है; और (ग) कायार्लय, शहर या नगर की नगरपािलका सीमा के भीतर आता है।
6. िविभ शहर म वास का वग करण –
वास के टाइप को िविभ शहर म टाइप I, टाइप II, टाइप III, टाइप IV, टाइप IV (िवशेष), टाइप Vक, टाइप Vख, टाइप VIक, टाइप VIख, टाइप VII और VIII वग कृत िकया है:
परंतु टाइप I से टाइप IV वास को िन तर टाइप के वास के रूप म वग कृत िकया जाएगा और टाइप IV (स्पै.) से टाइप VIII वास को उ तर टाइप के वास के रूप म वग कृत िकया जाएगा।
7. िविभ शहर म हॉस्टल वास का वग करण – (क) दो कमर का सेट (डबल सूट);
(ख) एक कमरे का सेट, रसोई सिहत (िसंगल सूट िबद िकिचन);
(ग) एक कमरे का सेट, रसोई के िबना (िसंगल सूट िबदआउट िकिचन); और (घ) कामकाजी बािलका हॉस्टल (व कग गल्सर् हॉस्टल)।
8. वास के टाइप के िलए हकदार -
(1) इन िनयम म यथा उपबंिधत के िसवाय, कोई आवेदक िन सारणी के स्तंभ (1) म दिशर्त आवास के टाइप के
आबंटन के िलए, तत्स्थानी स्तंभ (3) म िविन दर् वेतन मैि क्स म स्तर के अनुसार, पा होगा:—
सारणी – 1 वास का टाइप
(1)
िव मान ेणी वेतन/मूल वेतन (2)
वेतन मैि क्स म स्तर (3) I 1300 रु., 1400 रु., 1600 रु., 1650 रु. और
1800 रु.
1
II 1900 रु., 2000 रु., 2400 रु. और 2800 रु. 2,3,4,5
III 4200 रु., 4600 रु. और 4800 रु. 6,7,8
IV 5400 रु. से 6600 रु. 9,10,11
IV (स्पै.) 6600 रु. 11
Vक [डी II] 7600 रु. और 8000 रु. 12
Vख [डी I] 8700 रु. और 8900 रु. 13,13क
VIक [सी II] 10,000 रु. 14
VIख [सी I] 67000 रु. से 74,999 रु. 15 (स्तर म अनु मिणका सं. 1 से 4) VII 75,000 रु. से 79,999 रु. 16 (स्तर म अनु मिणका सं. 5 से 8), 16
VIII 80,000 रु. और ऊपर 17,18
(2) इन िनयम म यथाउपबंिधत के िसवाय, कोई आवेदक िन सारणी के स्तंभ (1) म दिशर्त हॉस्टल वास के टाइप के
आबंटन के िलए, तत्स्थानी स्तंभ (3) म िविन दर् वेतन मैि क्स म स्तर के अनुसार, पा होगा:—
सारणी–2 हॉस्टल का टाइप
(1)
िव मान ेणी वेतन/वेतनमान (2)
वेतन मैि क्स म स्तर (3)
एक कमरे का सेट (रसोई के िबना) 4200 रु. और ऊपर स्तर 6 और ऊपर
एक कमरे का सेट (रसोई सिहत) 4200 रु. और ऊपर स्तर 6 और ऊपर
दो कमरे का सेट 5400 रु. और ऊपर स्तर 9 और ऊपर
कामकाजी बािलका हॉस्टल सभी मिहला कमर्चारी, उपलिब्धय की सीमा
के िबना, पा ह गी
सभी मिहला कमर्चारी, उपलिब्धय की सीमा के िबना, पा ह गी
(3) िविभ टाइप के वास के िलए पूिवर्कता की तारीख और तीक्षा सूिचय को तैयार करने के िलए संगणना िन ानुसार की
जाएगी :
(क) टाइप I से टाइप IV वास के संबंध म पूिवर्कता तारीख का अवधारण कमर्चारी ारा केन् ीय सरकार की
सेवारंभ की तारीख के आधार पर िकया गया जाएगा और वास के इस टाइप के िलए पा ता का िविन य वेतन मैि क्स म आवेदक के स्तर के अनुसार िकया जाएगा:
परंतु इस वगर् के अधीन िकसी आवेदक को, उसकी पा ता के टाइप से एक टाइप िन वास हेतु
बोली लगाने की अनुज्ञा दी जाएगी।
(ख) ऊपर खंड (क) म िन दर् िकसी आवेदक को, िजसने िकसी िविश स्टेशन पर लगातार 5 वष की अविध के
िलए सेवा की है, वषर् की 1 जनवरी को ऐसे त्येक 5 वष के पूरा होने पर, तीक्षा सूची म उसकी
पूिवर्कता तारीख की संगणना के योजन के िलए केन् ीय सरकार की सेवारंभ की तारीख से ऊपर एक वषर्
की वरीयता दान की जाएगी।
(ग) टाइप IV(स्पै.) और ऊपर के वास के संबंध म पूिवर्कता तारीख का अवधारण उस तारीख के आधार पर
िकया जाएगा, िजससे आवेदक, वेतन मैि क्स म उसके स्तर के अनुसार वास की टाइप के िलए िनरंतर पा
रहा है।
(घ) टाइप IV(स्पै.) और ऊपर के वास के िलए परस्पर ज्ये ता िन िलिखत कारक के आधार पर िवचार म ली जाएगी, अथार्त्:—
(i) जहां दो या अिधक आवेदक की पूिवर्कता तारीख एक समान है, वहां स्तर म उ तर स्तर वेतन वाला आवेदक तीक्षा सूची म ज्ये होगा;
(ii) जहां दो या अिधक आवेदक की पूिवर्कता तारीख और स्तर म वेतन एक समान है, वहां वह आवेदक, िजसने केन् ीय सरकार की पहले सेवारंभ की है, तीक्षा सूची म ज्ये होगा; और
(iii) जहां दो या अिधक आवेदक की पूिवर्कता तारीख, स्तर म वेतन और केन् ीय सरकार की सेवारंभ करने की तारीख एक समान है, वहां पहले सेवािनवृ होने वाले आवेदक को बाद म सेवािनवृ होने
वाले आवेदक पर पूिवर्कता दान की जा सकेगी।
(ङ) भारत सरकार के सिचव और अपर सिचव के रक के आवेदक की परस्पर ज्ये ता का अवधारण, िदल्ली म भारत सरकार म उनकी सेवारंभ करने की तारीख के आधार पर, त्येक सेवा के िलए कािशत िसिवल सूची
के अनुसार िकया जाएगा कंतु ऐसा इस शतर् के अधीन रहते हुए िकया जाएगा िक समान सेवा के किन बैच का कोई आवेदक या समान बैच का कोई किन आवेदक अपने ज्ये बैच के आवेदक या समान बैच के ज्ये
आवेदक पर पूिवर्कता ा नह करेगा:
परंतु जहां सेवारंभ करने की तारीख समान है, वहां पहले सेवािनवृ होने वाले आवेदक को बाद म सेवािनवृ होने वाले आवेदक पर पूिवर्कता दान की जा सकेगी:
परंतु यह और िक अिखल भारतीय सेवा (एआईएस) से िभ सभी अन्य सेवा के संबंध म आवेदक की
परस्पर ज्ये ता का अवधारण, उन्ह तैनात िकए जाने और सेवा या बैच पर ध्यान न देते हुए भारत सरकार म उनके सेवारंभ तारीख के आधार पर िकया जाएगा।
(च) टाइप V और ऊपर के वास के िलए हकदार आवेदक, इस शतर् के अधीन रहते हुए िक ऐसा कोई वास टाइप IV िवशेष वास से िन नह होगा, अपनी हकदारी से िन वास हेतु आवेदन करने के िलए भी पा होगा:
परंतु टाइप V-ए[डी II] और टाइप IV(स्पै.) के िलए पा आवेदक टाइप IV वास के िलए आवेदन करने के
िलए भी पा ह गे:
परंतु यह और िक जहां टाइप V और टाइप VI वास को, यथािस्थित, टाइप Vए और टाइप Vबी या टाइप VIए और टाइप VIबी के रूप म वग कृत नह िकया गया है, वहां टाइप V और टाइप VI वास के िलए सभी
आवेदक को उनके संब टाइप म एकसाथ समूहब िकया जाएगा।
(4) वैयि क वेतन को तीक्षा सूची म परस् पर-ज् येष् ठता का अवधारण करने के योजन के िलए िवचार म नह िलया
जाएगा।
(5) ैिक्टसबंदी भत् ते, सेना सेवा वेतन या वेतन के ऐसे िकसी अन् य संघटक को तीक्षा सूची म परस् पर-ज् येष् ठता का
अवधारण करने के योजन के िलए िवचार म नह िलया जाएगा।
9. कितपय योजन के िलए पूिवर्कता की तारीख का कवरेज –
अनुज्ञि फीस की संगणना के योजन के िलए, केन् ीय सरकार कमर्चारी को िबना पारी के हुआ आबंटन िविनयिमत हुआ समझा जाएगा, यिद ऐसे कमर्चारी से किन िकसी आबंिटती को िनयिमत आबंटन, उसी िविश क्षे या पिरक्षे म उसी टाइप का वास और उसी तल पर, कर िदया गया है।
भाग – 2 आबंटन ि या
10. वास के िलए आवेदन
(1) त्येक केन् ीय सेवक अपनी थम िनयुि पर िकसी स्थान पर कतर् हण करने या स्थानांतरण पर, म ऑनलाइन या हस्तिलिखत आवेदन, अपने कायार्लय के माध्यम से संपदा िनदेशालय को या केन् ीय लोक िनमार्ण
िवभाग के अधीन संपदा कायार्लय को, (यथालागू), उस वास के आबंटन के िलए आवेदन कर सकेगा िजसके िलए वह इन िनयम के अधीन पा है और पूिवर्कता के अनुसार उ तर टाइप के वास को आबंिटती के अिधमान को
िवचार म लेकर इन िनयम के अनुसरण म स्तािवत िकया जाएगा।
परंतु अिधविषर्ता की तारीख के छः मास के भीतर वास के िलए कोई आवेदन हण नह िकया जाएगा।
(2) बोली के िलए िविन दर् तारीख से पूवर् ा आवेदन, सम्बिन्धत एकीकृत तीक्षा सूची म सिम्मिलत िकए जाएंगे
और बोली लगाने के अगले च म, इन िनयम के अनुसार आबंटन के िलए िनबंधन और शत के अध्यधीन, आबंटन के िलए िवचार म िलए जाएंगे।
(3) आवेदक, संपदा िनदेशालय ारा िविन दर् रूप म िविभ िविशि यां देगा जो आवेदक के कायार्लय ारा
सत्यािपत की जाएंगी और आवेदन म कोई फकर् होने या आवेदन म कोई गलत जानकारी देने की दशा म, आवेदक और सत्यापन करने वाला अिधकारी गलत जानकारी देने के िलए दायी ह गे और उनके िवरु अनुशासनात्मक कारर्वाई की जाएगी, िजसके अन्तगर्त, यिद आबंटन गलत जानकारी के आधार पर िकया गया था तो वास का
आबंटन र करना, भी है।
11. िविभ टाइप के वास के िलए तीक्षा सूची तैयार करना –
(1) त्येक टाइप के वास के िलए टाइप VII (साधारण पूल) और टाइप VIII (साधारण पूल) वास के िसवाय, एक एकीकृत तीक्षा सूची तैयार की जाएगी।
(2) िकसी एकीकृत तीक्षा सूची म वास के िलए आरंिभक आवेदन करने वाले आवेदक के नाम के साथ-साथ वास के पिरवतर्न के िलए नाम भी ह गे और यह सूची वास के टाइप के िलए हकदार के अनुसार तैयार की जाएगी।
(3) टाइप V और ऊपर के वास के िलए हकदार आवेदक के नाम सभी एकीकृत तीक्षा सूची म सिम्मिलत िकए जाएंगे।
(4) टाइप II, टाइप III, टाइप IV और टाइप IV (स्पै.) के वास के हकदार आवेदक के नाम सभी एकीकृत सूिचय म, िजनके िलए वे एक टाइप िन वास के िलए पा ह, सम्मिलत िकए जाएंगे।
12. एकीकृत तीक्षा सूची से गैर-गंभीर आवेदक के नाम हटाना –
ऐसे आवेदक के नाम, िजन्ह ने िपछले एक वषर् के दौरान न तो िकसी वास के िलए अपनी इच्छा कट की है और न ही अपने वैयि क आंकड़े अ तन िकए ह, स्वतः एकीकृत तीक्षा सूची से हट जाएंगे:
परंतु ऐसा कोई आवेदक िजसका नाम हट जाता है, ऑनलाइन िविहत रूप भर कर पुनः अपना नाम सि य कर सकेगा और ऐसा आवेदक वास की सम्बिन्धत टाइप की एकीकृत तीक्षा सूची म िवचार म लाया जाएगा।
13. वास के आबंटन का स्ताव—
(1) इन िनयम म यथाउपबंिधत के िसवाय, सभी टाइप के िर होने वाले वास, िजसके अन्तगर्त हॉस्टल वास भी
ह, संपदा िनदेशालय ारा आबंटन की स्वचािलत णाली ारा इन िनयम के अधीन वास के टाइप के िलए एकीकृत तीक्षा सूची म से आरंिभक आबंटन या वास पिरवतर्न के िलए आवेदन करने वाले आवेदक को आबंटन िकया
जाएगा।
(2) संपदा िनदेशालय, आपात पिरिस्थितय म जब आबंिटती के अिधभोग म वास की िरि अपेिक्षत है, उसे उसी
टाइप का अनु मी वास या आबंिटती के अिधभोग म वास के टाइप से ठीक नीचे का एक टाइप, उपलब्धता के
अध्यधीन, आबंिटत कर सकेगा।
14. अविध, िजसके िलए आबंटन अिस्तत्व म रहता है—
कोई आबंटन, आबंिटती ारा इसे स्वीकृत िकए जाने की तारीख से भावी होगा और सरकारी सेवा म बने रहने या
वृ रहने तक बना रहेगा जब तक िक—
(क) इन िनयम के अधीन अनुज्ञेय िरयायती अविध की समाि के प ात् आबंिटती िकसी पा कायार्लय म कतर् रूढ़ नह बना रहता है;
(ख) यह संपदा िनदेशालय ारा र कर िदया गया है या इन िनयम के िकसी उपबंध के अधीन र िकया हुआ समझा
गया है;
(ग) यह आबंिटती ारा अभ्यपर्ण कर िदया गया है;
(घ) आबंिटती वास के अिधभोग म बना नह रहता है।
15. आबंटन की स्वीकृित—
(1) िकसी वास के आबंटन का कोई स्ताव स्वचािलत णाली के माध्यम से या आबंटन की हस्त णाली ारा, यथािस्थित, वास के आबंटन की तारीख से आठ िदन के भीतर आबंिटती ारा स्वीकृत िकया जाएगा।
(2) आबंिटती वास का आबंटन स्वयं या िकसी ािधकृत ितिनिध के माध्यम से अगली बोली के च से पूवर् स्वीकृत कर सकेगा।
16. स्वीकृित के प ात् ि या—
(1) आबंिटत वास की स्वीकृित के प ात्, आबंिटती केन् ीय लोक िनमार्ण िवभाग से या िकसी अन्य अनुरक्षण अिभकरण से, यथािस्थित, स्वीकृित प की ाि की तारीख से पांच कायर् िदवस के भीतर वास का भौितक कब्जा लेगा और केन् ीय लोक िनमार्ण िवभाग या कोई अन्य अनुरक्षण अिधकरण, यथािस्थित, आबंिटत वास का कब्जा आबंिटती को
देगा।
(2) यिद आबंिटत वास तुरन्त अिधभोग के िलए तैयार नह ह तो केन् ीय लोक िनमार्ण िवभाग या कोई अन्य अनुरक्षण अिभकरण संपदा िनदेशालय से ािधकार प ा होने पर, तकनीकी अिधभोग िरपोटर्, आबंिटती को जारी करेगा।
(3) जब वास अिधभोग के िलए तैयार हो जाता है और रहने योग्य िस्थित म आबंिटती को कब्जा दे िदए जाने के प ात्, केन् ीय लोक िनमार्ण िवभाग, आबंिटती को भौितक अिधभोग िरपोटर् जारी करेगा।
17. आबंटन या स्ताव की अस्वीकृित या स्वीकृित के प ात् आबंिटत वास के अिधभोग म िवफल रहना —
(1) यिद कोई आबंिटती िकसी आवािसक वास के आबंटन के आबंटन की तारीख से आठ िदन के भीतर उ वास को
स्वीकृत करने म िवफल रहता है या ािधकार प की ाि की तारीख से पांच कायर् िदवस के भीतर उस वास का
कब्जा लेने म िवफल रहता है तो वह, एक मास की सामान्य अनुज्ञि फीस के भुगतान के अध्यधीन, आबंटन की
अस्वीकृित की तारीख से तीन मास की अविध के िलए वास के आबंटन के िलए आवेदन करने से िवविजर्त हो जाएगा।
(2) आबंटन की अस्वीकृित की तारीख की संगणना आबंटन की तारीख से की जाएगी।
(3) यिद िनचले टाइप वास का अिधभोग करने वाला कोई आबंिटती इन िनयम के अधीन पा अपने पा टाइप के वास के िकसी स्ताव को स्वीकार करने से इंकार करता है तो उसे पहले से आबंिटत वास म बने रहने के िलए अनुज्ञात
िकया जाएगा।
परंतु ऐसा आबंिटती ऐसे आबंटन की अस्वीकृित की तारीख से छः मास की अविध के िलए दूसरे आबंटन के िलए पा
नह होगा।
18. पुनिवर्चार—
संपदा िनदेशालय ारा िविन दर् समय के भीतर आबंटन के अस्वीकृित के मामल म अनुरोध को िवचार म िलया जाएगा, यिद पुनिवर्चार के िलए कोई आवेदन अगली बोली लगाने के च के पहले िदया जाता है, िन िलिखत दशा म िवचार म
िलया जाएगा,—
(क) आठ िदन की अविध के मध्यवत राजपि त अवकाश आते ह;
(ख) सम्बिन्धत कायार्लय से स्वीकृित रूप अ ेिषत करने म िवलम्ब होता है;
(ग) स्वीकृित की अविध के दौरान आबंिटती शासकीय दौरे पर है;
(घ) आबंिटती ारा कोई अन्य वैध कारण िदया गया है;
(ङ) आबंिटत वास िकसी अन्य आबंिटती के अिधभोग म है;
(च) आबंिटती पहले अिधभोगी के िव ुत या जल आिद से सम्बिन्धत लंिबत देय का भुगतान करने का अिनच्छुक है।
19. िनलम्बन के अधीन आबंिटती को आबंटन—
िनलम्बन के अधीन आबंिटती को वास का आबंटन इस कार िकया जाएगा मानो िनलम्बन न हुआ हो।
20. िदल्ली म टाइप V वास के िलए गैराज का आबंटन—
(1) कोई आबंिटती िजसे टाइप Vक या टाइप Vख वास आबंिटत िकया गया है िजसके साथ गैराज संल नह है, िजस पिरक्षे म वास अविस्थत है उसम िकसी गैराज के आबंटन के िलए पा होगा।
(2) संपदा िनदेशालय ारा समय-समय पर जारी िदशा िनदश के अध्यधीन गैराज के आबंटन के िलए आवेदन की
तारीख वास के िलए आबंटन के आवेदन, उस पिरक्षे म आबंिटती ारा वास के ारिम्भक आबंटन की तकनीकी
अिधभोग की तारीख समझी जाएगी।
(3) गैराज के आरंिभक आबंटन के साथ-साथ पिरवतर्न के िलए भी एक ही एकीकृत तीक्षा सूची होगी।
(4) गैराज का आबंटन संपदा िनदेशालय ारा समय-समय पर जारी अनुदेश के अनुसार िकया जाएगा।
21. असुरिक्षत या संकटपूणर् आधार पर वास का आबंटन—
(1) कोई आबंिटती, िजसका आवािसक वास असुरिक्षत और संकटपूणर् है, सम्बिन्धत अनुरक्षण अिभकरण को ऐसे वास को
रहने के िलए असुरिक्षत और संकटपूणर् घोिषत करने के िलए आवेदन कर सकेगा और केन् ीय लोक िनमार्ण िवभाग का, कायर्पालक इंजीिनयर की पंि से नीचे का न हो या िकसी अन्य अिभकरण का समतुल्य अिधकारी, अपनी संतुि करने पर िक सम्बिन्धत वास असुरिक्षत और संकटपूणर् है, संपदा िनदेशालय को ऑनलाइन या िलिखत रूप म, इस कार की घोषणा का
माण-प जारी करेगा और वास की असुरिक्षत वास रिजस्टर म िवि करेगा।
(2) िकसी गृह को असुरिक्षत या संकटपूणर् के रूप म घोिषत करने पर आबंिटती को अनुकल्पी वास का आबंटन ए.एस.ए.
या आबंटन की हस्त णाली, यथा लागू, के माध्यम से िकया जाएगा।
(3) उन मामल म जहां िकसी वैयि क गृह को सरकारी आवािसक कॉलोनी म असुरिक्षत या संकटपूणर् के रूप म घोिषत कर िदया जाता है, उसी टाइप के वास का अनुकल्पी आबंटन पूिवर्कता के िन िलिखत आधार पर िकया जाएगा:
(क) आबंटन के िलए उसी पिरक्षे म या िनकटतम पिरक्षे म िरि यां पिरलिक्षत की जाएंगी जहां ऐसे अिधभोिगय को उसी टाइप के वास म एकीकृत (आरंिभक/पिरवतर्न) तीक्षा सूची म पूिवर्कता दी जाएगी;
(ख) कोई आबंिटती, जो िविश तल के अिधभोग म केवल उसी तल या वास के ऊपर के टाइप के आबंटन के िलए आवेदन कर सकेगा और तद्नुसार आबंटन िकया जाएगा;
(ग) ऐसे असुरिक्षत और संकटपूणर् गृह की संख्या के सम्बन्ध म पिरलिक्षत िरि य के बराबर संख्या ए.एस.ए. म आबंटन के िलए रखी जाएगी।
22. सरकारी कॉलोनी का पुनिवर्कास या िकसी अन्य योजन पर वास का आबंटन—
(1) जहां कोई सम्पूणर् सरकारी आवािसक कॉलोनी पुनिवर्कास के िलए या िकसी अन्य योजन के िलए िर की जानी
अपेिक्षत है, ऐसी कॉलोिनय के आबंिटितय को उसी टाइप के वास की एकीकृत तीक्षा सूची (आरंिभक/पिरवतर्न) म सामूिहक रूप से ऊपर रखा जाएगा और ए.एस.ए या हस्त णाली के माध्यम से, यथा लागू, आबंटन िकया जाएगा;
(2) जहां ऐसी कॉलोिनय के आबंिटय को पुनस्थार्िपत करने के िलए सम्बिन्धत टाइप के वास म पयार् िरि नह है, एकीकृत तीक्षा सूची म अन्य आवेदक के िलए बोली लगाने की सम्पूणर् ि या, ऐसे टाइप के वास के िलए ऐसी अविध के
िलए, जो आवश्यक समझी जाए, िहमशीितत की जा सकेगी।
23. तैनाती के स्थान पर गृह का स्वािमत्व रखने वाले िकसी आवेदक ारा घोषणा—
(1) यिद कोई कमर्चारी उसकी तैनाती के स्थान पर या तो अपने नाम पर या अपने पिरवार के िकसी के सदस्य के नाम पर गृह का स्वािमत्व रखता हो तो वास के िलए आवेदन करते समय संपदा िनदेशालय को इस तथ्य की जानकारी देगा।
परंतु जहां कोई अिधकारी या उसके पिरवार का कोई सदस्य उसकी तैनाती के स्थान पर इन िनयम के अधीन उसको
वास के आबंटन के प ात् गृह का स्वामी बनता है, तो आबंिटती गृह के कब्जे की तारीख से एक मास की अविध के भीतर इस तथ्य की जानकारी संपदा िनदेशालय को देगा।
(2) इस िनयम के अधीन आबंिटितय को, संपदा िनदेशालय ारा समय-समय पर यथािविन दर् , उ तर अनुज्ञि फीस दर लागू होगी।
24. एक दूसरे से िववािहत आबंिटितय की पा ता—
(1) िकसी भी केन् ीय सरकार कमर्चारी को इन िनयम के अधीन तब तक कोई वास आबंिटत नह िकया जाएगा, यिद ऐसे सरकारी सेवक के पित या प ी को पहले से ही कोई वास आबंिटत है, जब तक ऐसा वास अभ्यिपर्त नह कर िदया जाता:
परंतु यह उप-िनयम वहां लागू नह होगा जहां पित और प ी िन िलिखत के अनुसरण म पृथकतः िनवास कर रहे ह—
(i) िकसी न्यायालय ारा िकया गया न्याियक पृथ रण का कोई आदेश; या
(ii) िकसी न्यायालय ारा िजसम पित या प ी ारा कोई यािचका िववाह-िवच्छेद के िलए फाइल की गई है
कायर्वािहय के िनपटारे के िलए िववा क के िवरिचत करने और अिभिलिखत करने के िलए कोई आदेश, जो
िकसी िववाह-िवच्छेद की िड ी ारा िववाह के िवघटन के िलए लिम्बत है और पित या प ी ने कोई वचनब स्तुत िकया है िक वह अपने पित या अपनी प ी के साथ दाम्पत्य अिधकार के त्यस्थापन की
दशा म तुरन्त उसे आबंिटत वास को अभ्यिपर्त कर देगी या कर देगा।
(2) जहां इन िनयम के अधीन आबंिटत वास दो आबंिटितय के अलग-अलग अिधभोग म ह और यिद एक-दूसरे से िववाह करते ह, तो वे िववाह के एक महीने के भीतर िकसी एक वास को अभ्यिपर्त कर दगे।
(3) जहां उप-िनयम (2) की अपेक्षा के अनुसार कोई एक अनुज्ञेय अविध के भीतर अभ्यिपर्त नह कर िदया जाता है तो ऐसी
अविध के अवसान पर िनचले टाइप के वास के आबंटन को र िकया समझा जाएगा और यिद दोन वास एक ही टाइप के ह तो
इनम से एक का आबंटन जैसा संपदा िनदेशालय िविनि त कर इस अविध के समा होने पर र िकया गया समझा जाएगा।
(4) जहां पित और प ी दोन केन् ीय सरकार के अधीन िनयोिजत ह तो इन िनयम के अधीन दोन की वास आबंटन सम्बन्धी
हकदारी पर स्वतं रूप से िवचार िकया जाएगा।
(5) उप-िनयम (1) से उप-िनयम (4) म िकसी बात के होते हुए भी,—
(i) जहां पित या प ी, यथािस्थित, जो इन िनयम के अधीन वास की/का आबंिटती है, को तत्प ात् िकसी अन्य पूल, िजस पर ये िनयम लागू नह होते, से उसी स्थान पर वास आबंिटत िकया जाता है तो वह, यथािस्थित, आबंटन के एक मास के भीतर िकसी एक वास को अभ्यिपर्त कर देगी/देगा:
परंतु यह खंड ऐसे पित और प ी पर लागू नह होगा जो न्यायालय ारा िदए गए न्याियक पृथ रण आदेश के अनुसरण म पृथकतः रह रहे ह।
(ii) जहां दो आबंिटती, उसी स्थान पर अलग-अलग वास के अिधभोग म है, एक को इन िनयम के अधीन वास आबंिटत है और दूसरा िकसी अन्य पूल से, िजसको ये िनयम लागू नह होते, यिद एक-दूसरे से िववाह करते ह तो ऐसे िववाह के एक मास के भीतर उन दोन म से कोई िकसी एक वास का अभ्यपर्ण करेगा।
(6) यिद उप-िनयम (5) की अपेक्षा के अनुसार कोई वास अभ्यिपर्त नह िकया जाता है तो साधारण पूल म वास का आबंटन, ऐसी अविध की समाि पर र िकया हुआ समझा जाएगा।
25. भूतपूवर् सैिनक को आबंटन—
भूतपूवर् सैिनक की पूिवर्कता की तारीख की संगणना के िलए उनकी पूवर् सैन्य सेवा का फायदा िदया जाएगा।
26. पुनिनर्योजन पर वास का आबंटन—
पा कायार्लय म पुनिनर्योजन पर वास का आबंटन ऐसे िदशा-िनदश ारा शािसत होगा जो संपदा िनदेशालय ारा
समय-समय पर जारी कर।
भाग – 3
कितपय वग के कमर्चािरय के िलए पृथक पूल 27. मिहला कमर्चािरय को आबंटन (मिहला पूल)—
(1) इन िनयम म िकसी बात के होते हुए भी, “मिहला पूल” िववािहत मिहला कमर्चािरय के िलए और एकल मिहला
कमर्चािरय के िलए पृथक रूप से रखा जाएगा और इन िनयम के अधीन आबंटन िववािहत मिहला कमर्चािरय और एकल मिहला कमर्चािरय के मध्य 2:1 के अनुपात म िकया जाएगा।
(2) इस िनयम के अधीन वास के आबंटन के िलए पा मिहला कमर्चािरय की परस्पर-ज्ये ता िनयम 8 के अनुसार अवधािरत की जाएगी।
(3) सभी मिहला कमर्चारी, जो साधारण पूल वास आबंटन (जीपीआरए) म वास के िलए अन्यथा पा ह, मिहला पूल से आबंटन के िलए भी पा ह गी।
(4) मिहला कमर्चारी, जो पहले से ही वास के अिधभोग म है उसी टाइप म पिरवतर्न के िलए या उ तर टाइप के वास के आबंटन के िलए भी, अपनी बारी पर, मिहला पूल से और साधारण पूल से पा ह गी।
(5) इस पूल म रखे जाने वाले वास के टाइप और संख्या सरकार ारा समय-समय पर अवधािरत की जाएगी।
स्प ीकरण – इस िनयम के योजन के िलए,—
(i) “िववािहत मिहला कमर्चारी” से ऐसी मिहला कमर्चारी अिभ ेत है िजसका िववाह अिस्तत्व म है और जो
अपने पित से न्याियक रूप से पृथक नह हुई है।
(ii) “एकल मिहला कमर्चारी” से कोई अिववािहत मिहला कमर्चारी अिभ ेत है और िजसके अन्तगर्त िवधवा, बालक सिहत या रिहत भी ह।
28. केन् ीय स्टा फंग स्कीम के अधीन तैनात अिखल भारतीय सेवा के अिधकािरय के िलए सेवाधृित अिधकारी पूल म आबंटन –
(1) इन िनयम म िकसी बात के होते हुए भी, केन् ीय स्टा फंग स्कीम के अधीन केन् ीय सरकार या िदल्ली सरकार या
िविभ राज्य के िनवासी आयु के कायार्लय म या संघ राज्य क्षे सरकार के िदल्ली म तैनात भारतीय शासिनक सेवा, भारतीय वन सेवा और भारतीय पुिलस सेवा के अिधकािरय के िलए सेवाधृित अिधकारी पूल रखा जाएगा:
परंतु िविभ राज्य सरकार के िनवासी आयु के कायार्लय म या संघ राज्य क्षे सरकार के िदल्ली म कायर् करने
वाले अिखल भारतीय सेवा के अिधकािरय को वास का आबंटन उनके िलए िविहत आवािसक एकक की संख्या और केवल वास का अिधकतम टाइप VIक तक िनबिधत होगा।
(2) सेवाधृित अिधकारी पूल म वास के आबंटन के िलए पा आिधकारी, िजसके अन्तगर्त एजीएमयूटी (AGMUT) काडर के केन् ीय ितिनयुि पर अिधकारी भी ह, की परस्पर-ज्ये ता इन िनयम के अधीन और िदल्ली म उनके तत्स्थानी के
सम्बन्ध म केन् ीय ितिनयुि पर उनके सम्ब सेवा और बैच म उनकी ज्ये ता के आधार पर अवधािरत की जाएगी।
(3) इन पूल म रखे जाने वाले वास के टाइप और संख्या सरकार ारा समय-समय पर अवधािरत की जाएगी।
29. केन् ीय स्टा फंग स्कीम के अधीन तैनात गैर-अिखल भारतीय सेवा के अिधकािरय के िलए सेवाधृित पूल म आबंटन – (1) इन िनयम म िकसी बात के होते हुए भी, एक सेवाधृित पूल गैर-अिखल भारतीय सेवा के अिधकािरय के िलए, जो
केन् ीय स्टा फंग स्कीम के अधीन केन् ीय ितिनयुि पर आते ह, रखा जाएगा।
(2) ऐसा अिधकारी इस पूल के अधीन आबंिटत वास को िदल्ली म तैनाती या ितवतर्न पर, ितधािरत रख सकेगा
यिद उसकी पूिवर्कता की तारीख ऐसे आबंटन के अन्तगर्त आती है।
परंतु इस पूल के अधीन ऐसे ितधारण पर सामान्य पूल से सेवाधृित पूल म, इस पूल म वास के िनःशेषण से बचने के
िलए, समतुल्य टाइप के वास और बराबर संख्या म रखे जाएंगे।
(3) इन पूल म रखे जाने वाले वास की टाइप और वास की संख्या सरकार ारा समय-समय पर अवधािरत की
जाएगी।
30. िदल्ली म भारत सरकार के सिचव के िलए सिचव पूल म आबंटन –
(1) इन िनयम म िकसी बात के होते हुए भी, एक सिचव पूल िदल्ली म भारत सरकार के सिचव को आवािसक वास उपलब्ध कराने के िलए रखा जाएगा।
(2) इस पूल म रखे जाने वाले वास की संख्या, वास का टाइप और वास का स्थान सरकार ारा समय-समय पर अवधािरत की जाएगी।
31. भारत सरकार के िविध अिधकािरय को आबंटन के िलए िविध अिधकारी पूल म आबंटन –
(1) इन िनयम म िकसी बात के होते हुए भी, एक िविध अिधकारी पूल भारत के िविध अिधकािरय , जैसे भारत का
महान्यायवादी, भारत का महा-सािलिसटर और भारत का अपर महा-सािलिसटर को इस पूल से तुरन्त आधार पर आवािसक वास उपलब्ध कराने के िलए रखा जाएगा:
परंतु इस पूल के अधीन िकसी उ पदस्थ के िलए कोई िविश वास सुरिक्षत नह िकया जाएगा:
परंतु यह और िक भारत के महान्यायवादी के िलए टाइप VIII, भारत के महा-सािलिसटर को टाइप VII या टाइप VIII और अपर महा-सािलिसटर को टाइप VI वास, उपलभ्यता के अध्यधीन आबंटन के िलए िवचार म लाया जा सकेगा और िकसी
स्थान पर समुिचत टाइप का वास उपलब्ध नह होने की दशा म, इन उ पदस्थ को उपलब्ध टाइप के वास पर आबंटन के िलए
िवचार िकया जाएगा।